हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने कबीर प्राकट्य स्थल पर टेका मत्था; बोले— “कबीर की जन्मस्थली पर आकर स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूँ”

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वाराणसी।

संत शिरोमणि कबीर दास जी की पावन जन्मस्थली, प्राचीन श्री सदगुरु प्राकट्य स्थल (लहरतारा) में श्रद्धा और भक्ति का संगम देखने को मिला। हिमाचल प्रदेश के महामहिम राज्यपाल कवीन्द्र गुप्ता ने मठ पहुँचकर मत्था टेका और कबीर साहेब के चरणों में आशीर्वाद लिया।

मठ परिसर पहुँचने पर महामहिम का डमरू वादन एवं पुष्प वर्षा से भव्य स्वागत किया गया। मठ के पीठाधीश्वर महंत गोविंद दास शास्त्री जी ने पारंपरिक रीति-रिवाज से उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर उनके साथ सुमीत सिंह जी एवं विनय पांडे, आशीष गुप्ता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने महामहिम के साथ दर्शन-पूजन में भाग लिया।

राज्यपाल का संबोधन
दर्शन के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री कवीन्द्र गुप्ता जी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा:
> “संत कबीर दास जी के विचार आज भी पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। कबीर जी को मेरा सादर प्रणाम। आज इस पावन जन्म स्थान पर आकर मैं स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानता हूँ। यहाँ की ऊर्जा और शांति अद्भुत है, जो हमें सामाजिक समरसता और प्रेम का संदेश देती है।”
>

पीठाधीश्वर महंत गोविंद दास शास्त्री जी ने महामहिम को मठ के ऐतिहासिक महत्व और कबीर दास जी के प्राकट्य से जुड़ी कथाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार यह स्थल सदियों से मानवता और ज्ञान का केंद्र बना हुआ है। कार्यक्रम के दौरान सुमीत सिंह और विनय पांडे डॉ.संजय सिंह गौतम ने भी कबीर के दर्शन को जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस अवसर पर मठ के संतगढ़ सेवादार, स्थानीय गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

रिपोर्ट जगदीश शुक्ला

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