एलपीजी सिलेंडर की कीमत
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हर महीने की तरह बदलाव हो सकता है. 1 मार्च को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के नए रेट घोषित हो सकते हैं. क्रूड ऑयल की कीमतों के आधार पर ये बढ़ या घट सकते हैं, जिससे रसोई गैस का खर्च सीधा प्रभावित होगा. आम परिवारों के लिए ये बहुत जरूरी है क्योंकि गैस की कीमतें रोज के बजट पर असर डालती हैं।
सिम बाइंडिंग नियम लागू
मोबाइल यूजर्स के लिए नया नियम लागू होगा जिसके तहत व्हाट्सएप और अन्य मैसेजिंग ऐप्स को उसी फोन के सक्रिय सिम से लिंक करना जरूरी होगा जिसमें एप चल रहा है। यानी जिस डिवाइस पर एप इस्तेमाल कर रहे हैं, उसमें संबंधित सिम का होना अनिवार्य होगा। साथ ही वेब या डेस्कटॉप लॉगिन के लिए छह घंटे का ऑटो लॉग-आउट नियम लागू किया जाएगा। यानी कि 6 घंटे के बाद अब से वेब या डेस्कटॉप अपने आप लॉगआउट हो जाएगा। इसका उद्देश्य फर्जी नंबरों और साइबर अपराधों पर रोक लगाना है।
रेलवे का पुराना ऐप बंद
1 मार्च से रेलवे अपना पुराना UTS एप बंद कर रहा है। इसके बाद यात्री इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। अनारक्षित और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए अब यात्रियों को नए Railone एप का उपयोग करना होगा। इससे यात्रियों को नई प्रणाली अपनानी होगी। शुरुआत में तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं, लेकिन रेलवे का कहना है कि नया सिस्टम अधिक तेज, सुरक्षित और उपयोगकर्ता-अनुकूल होगा। इस नए एप में टिकट बुक करने पर आपको काफी छूट भी मिलेगी।
न्यूनतम बैलेंस नियम में राहत
बैंकिंग से जुड़ा एक संभावित राहत भरा बदलाव भी सामने आ सकता है। कुछ सरकारी बैंक मिनिमम बैलेंस की गणना के तरीके में बदलाव कर सकते हैं। पहले किसी एक दिन बैलेंस कम होने पर पेनल्टी लग जाती थी, लेकिन अब एवरेज मंथली बैलेंस (AMB) के आधार पर शुल्क तय किया जा सकता है। यानी पूरे महीने का औसत बैलेंस महत्वपूर्ण होगा, जिससे ग्राहकों को पेनल्टी से बचने में आसानी हो सकती है।
यूपीआई पेमेंट में बढ़ेगी सुरक्षा
डिजिटल भुगतान को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए 1 मार्च से बड़े ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर सिर्फ यूपीआई पिन पर्याप्त नहीं होगा। बैंक उच्च राशि के लेनदेन के लिए अतिरिक्त सुरक्षा जैसे बायोमेट्रिक या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर सकते हैं। बड़े अमाउंट के ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त वेरिफिकेशन लागू किया जा सकता है। यानी केवल यूपीआई पिन के बजाय बायोमेट्रिक या अतिरिक्त ऑथेंटिकेशन की जरूरत पड़ सकती है। इसका मकसद ऑनलाइन फ्रॉड को कम करना और यूजर्स की सुरक्षा बढ़ाना है।
किराये को लेकर बदल सकते हैं नियम
किराये के नियमों में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नए या रिन्यू होने वाले रेंट एग्रीमेंट के लिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य किया जा सकता है। साथ ही सिक्योरिटी डिपॉजिट को अधिकतम दो महीने के किराए तक सीमित करने और मकान मालिक के प्रवेश से पहले पूर्व सूचना जैसे प्रावधानों पर जोर दिया जा रहा है, ताकि किरायेदार और मकान मालिक के बीच विवाद कम हों।
सीएनजी और पीएनजी के रेट्स
रसोई गैस के साथ-साथ सीएनजी और पीएनजी के रेट्स भी हर महीने की शुरुआत में रिव्यू किए जाते हैं. 1 मार्च की सुबह ही नेचुरल गैस की कीमतों में बदलाव हो सकता है, जिसका सीधा असर आपकी कार के फ्यूल के खर्च पर पड़ेगा और घरेलू बजट पर भी बोझ बढ़ सकता है. अगर कीमतें बढ़ती हैं तो सीएनजी से चलने वाली कार या ऑटो रिक्शा चलाने वालों को ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे, वहीं पीएनजी से कनेक्शन वाले घरों में खाना पकाने का खर्च भी ऊपर जा सकता है. ये बदलाव आम आदमी की डिजिटल लाइफ, यात्रा और घरेलू खर्च को प्रभावित करेंगे
फास्टैग (FASTag) में राहत: अब बार-बार गाड़ी के ‘नो योर व्हीकल’ (KYV) की झंझट खत्म हो रही है. साथ ही 3 मार्च 2026 से कुछ डिजिटल वॉलेट्स में फास्टैग सब-वॉलेट सुविधा भी शुरू की जा रही है.











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