आजमगढ़।
जनपद के आजमगढ़ में जहरीला पदार्थ खिलाकर की गई सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए संगठित आपराधिक गिरोह पर शिकंजा कस दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हड़कंप मचा दिया।
यह कार्रवाई 26 फरवरी 2026 को थाना अहरौला थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा के नेतृत्व में की गई। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने ग्राम भोगईचा स्थित जेठू सिंह स्मृति द्वार मोड़ से दोनों अभियुक्तों को धर दबोचा। गिरफ्तारी सुबह करीब 9 बजे हुई।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, गैंग लीडर श्रवण पाण्डेय ने अपने साथियों के साथ मिलकर आर्थिक और भौतिक लाभ के उद्देश्य से एक संगठित आपराधिक गिरोह बना रखा था। गिरोह पर विषाक्त पदार्थ खिलाकर हत्या जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने का आरोप है।
घटना 16 मार्च 2025 की है, जब ग्राम भोगईचा निवासी सुनील पाण्डेय को बाजार जाते समय आरोपियों ने पकड़ लिया। आरोप है कि उन्हें घर के अंदर ले जाकर बेरहमी से मारपीट की गई और फिर जहरीला पदार्थ खिला दिया गया। हालत बिगड़ने पर उनकी मौत हो गई।
इस संबंध में 17 मार्च 2025 को मृतक की पत्नी श्रीमती अंजनी पाण्डेय की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। मामला बीएनएस की गंभीर धाराओं में पंजीकृत कर विवेचना शुरू की गई थी।
पुलिस ने जिन दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, वे हैं—
• रामसकल पाण्डेय (56 वर्ष) पुत्र स्व. राजाराम पाण्डेय
• रवि पाण्डेय (27 वर्ष) पुत्र रामसकल पाण्डेय
दोनों निवासी ग्राम भोगईचा, थाना अहरौला, जनपद आजमगढ़ हैं।
इनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट (उ0प्र0 गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986) के तहत भी मुकदमा दर्ज है।
पुलिस टीम की भूमिका
गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा के साथ कांस्टेबल अजीत कुमार यादव और कांस्टेबल मुकेश गुप्ता शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और आगे की विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
संदेश साफ है…
जनपद में संगठित अपराध करने वालों के लिए पुलिस का कड़ा संदेश — जहरीली साजिश रचने वालों को अब कानून का जहर ही चखना होगा!











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