भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई एवं पद्मश्री अजीत वाडेकर की स्मृति में टी-20 नेशनल दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिता अटल-अजीत मेमोरियल ट्रॉफी का भव्य उद्घाटन रुइया मैदान (मेडिकल ग्राउंड) पर आयोजित हुआ जिसे मुख्य अतिथि राजन श्रीवास्तव प्रसिद्ध पूर्व रणजी क्रिकेट खिलाड़ी ने कहा कि दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों का प्रदर्शन किसी भी स्तर पर सामान्य क्रिकेट खिलाड़ियों से कम नहीं है सामान्य क्रिकेट भी साइन लैंग्वेज पर निर्भर रहता है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुंबई में दिव्यांग क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा।
प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ एवं ऑल इंडिया दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के महासचिव डॉ संजय चौरसिया ने कहा कि विगत 10 वर्षों से काशी में लगभग सभी खेलों का सतत रूप से आयोजन किया जा रहा है जिससे दिव्यांगजनों का खेल कौशल निरंतर बढ़ रहा है। दिव्यांग बंधु डॉ उत्तम ओझा सदस्य सलाहकार बोर्ड उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि दिव्यांग क्रिकेट मैच में हार जैसा कोई शब्द नहीं है केवल जीते और लड़े जैसे दो शब्द का ही प्रयोग किया जाता है।
भविष्य में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन उत्तर प्रदेश में किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य रोहन श्रीवास्तव, तुसी भटनागर, डॉ मनोज तिवारी मीडिया प्रभारी, मोहित महाराज, जेपी सिंह, युग तिवारी संयोजक, अभिषेक पांडेय सहसंयोजक, प्रदीप सोनी, डॉ संतोष पांडेय प्रदीप राजभर उपस्थित रहें।कार्यक्रम का संचालन मदन मोहन वर्मा तथा अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन डॉ तुलसी दास ने किया।
अटल अजीत मेमोरियल ट्रॉफी के दूसरे दिन दो मुकाबले खेले गए इस बार अटल अजीत मेमोरियल ट्रॉफी बेस्ट ऑफ़ 3 के फॉर्मेट पर खेला जा रहा है जिसमें पहले दिन खेले गए एकमात्र मुकाबले में उत्तर प्रदेश की टीम विजेता रही थी। दूसरे मुकाबले में उत्तर प्रदेश के कप्तान सुबोध राय ने टॉस जीता और बिहार की टीम को पहले बल्लेबाजी करने का निमंत्रण दिया पहले बल्लेबाजी करते हुए बिहार की टीम ने निर्धारित 20 आवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 154 रन बनाए। बिहार की तरफ से अजय कुमार ने 3 चौकों की मदद से सर्वाधिक 28 रनों का योगदान किया।
वही उत्तर प्रदेश की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज जे पी सिंह रहे जिन्होंने 4 ओवरों में 41 रन देकर 3 विकेट चटकाए। 155 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश की टीम शुरू से ही दबाव में दिखी और लगातार अंतराल पर विकेट गवाती रही, हालांकि विकेट कीपर बल्लेबाज कासिम खान ने 55 रनों की अर्धशतकीय पारी जरूर खेली लेकिन इसके बावजूद उत्तर प्रदेश की टीम 19 में ओवर में 144 के स्कोर पर ऑल आउट हो गई।
बिहार टीम के हरफनमौला खिलाड़ी संजूर आलम को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। तीसरे व निर्णायक मुकाबले में टॉस एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के कप्तान सुबोध राय ने जीता और पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करते हैं करते हुए उत्तर प्रदेश की टीम ने रंजीत वर्मा की 37 गेंद में 51 रनों की तूफानी पारी की मदद से 5 विकेट के नुकसान पर 149 रन बनाए । बिहार के तरफ से राजीव और अमित कुमार ने 1-1 विकेट लिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरे बिहार के दोनों ही प्रारंभिक बल्लेबाजों ने 7 ओवरों में 72 रन बनाकर बिहार को एक मजबूत शुरुआत दी लेकिन अमित कुमार का विकेट गिरते ही विकटों का पतझड़ शुरू हो गया और बिहार की टीम 9 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 105 रन ही बना सकी। उत्तर प्रदेश की तरफ से कुमार राहुल, दिनेश और जे पी सिंह ने तीन-तीन विकेट लिए। फाइनल मुकाबले में उत्तर प्रदेश के कुमार राहुल को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।
अन्य पुरस्कारों में उत्तर प्रदेश के रंजीत वर्मा को सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, जे पी सिंह को सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और बिहार के अजय कुमार को सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक का पुरस्कार दिया गया। उत्तर प्रदेश के जेपी सिंह को पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ़ द सीरीज के पुरस्कार से सम्मानित किया गया । आशीष सेठ व अमूल्य उपाध्याय ने शानदार कमेंट्री किया।










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