युवा प्रणव अपने साथियों संग बने तीन बच्चों की शिक्षा और एक परिवार के राशन का सहारा

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आज के दौर में जहां अधिकतर युवा अपने भविष्य की दौड़ में व्यस्त हैं, वहीं प्रणव ने सेवा को अपना लक्ष्य बनाकर एक मिसाल कायम की है। अपने साथियों के सहयोग से वे तीन जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा का पूरा जिम्मा उठा रहे हैं और एक जरूरतमंद परिवार के मासिक राशन का सहारा बने हुए हैं।

शिक्षा का संकल्प, भविष्य की नींव

प्रणव और उनकी टीम बच्चों की स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं का प्रबंध कर रही है। उनका उद्देश्य साफ है — कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई से वंचित न रहे।
इन बच्चों के चेहरे पर लौटी मुस्कान उनके प्रयासों की सबसे बड़ी सफलता है।

मानवता का हाथ, सम्मान का साथ

सिर्फ शिक्षा ही नहीं, प्रणव ने एक जरूरतमंद परिवार के मासिक राशन का भी जिम्मा लिया है। यह सहयोग उस परिवार के लिए संबल बन गया है और समाज में सेवा की नई मिसाल पेश कर रहा है।

प्रणव का मानना है —

“अगर हर युवा अपने आसपास के एक-दो जरूरतमंद लोगों की जिम्मेदारी ले ले, तो समाज में कोई भी अभावग्रस्त नहीं रहेगा।”उनकी सोच और कर्मठता ने क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी सामाजिक कार्यों के लिए प्रेरित किया है।

युवा प्रणव और उनके साथियों का यह प्रयास केवल मदद नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत पहल है।

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

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