जहांगीरगंज में संतोष पांडेय पर संरक्षण का आरोप, प्रशासनिक उदासीनता से जूझ रहे ग्रामीण शिकायतकर्ताओं से दुर्व्यवहार और जांच में लीपापोती खंड शिक्षा अधिकारी संतोष पांडेय के खिलाफ बढ़ा आक्रोश।

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अम्बेडकरनगर जिले के विकास खंड जहांगीरगंज क्षेत्र में एक प्राथमिक विद्यालय के नाम को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्राम बभनपूरा की सीमा में संचालित विद्यालय आज भी प्राथमिक विद्यालय कमालपुर पिकार के नाम से संचालित हो रहा है, जबकि राजस्व अभिलेखों के अनुसार विद्यालय ग्राम पंचायत बभनपूरा में स्थित है।

दोनों ग्राम पंचायतें अलग-अलग राजस्व इकाइयाँ हैं, इसके बावजूद विद्यालय का नाम अब तक संशोधित नहीं किया गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि खंड शिक्षा अधिकारी की मनमानी और लापरवाही के चलते वर्षों पुरानी इस विसंगति का समाधान नहीं हो सका है। कई बार शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है,

जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज हुई शिकायत ग्रामीण वीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव एवं अन्य ग्रामीणों ने 30 मई 2025 को जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत संख्या 40017825015422 दर्ज कर विद्यालय का नाम प्राथमिक विद्यालय बभनपूरा किए जाने की मांग की थी। ग्रामीणों के अनुसार शिकायत की जांच खंड शिक्षा अधिकारी संतोष पांडेय को सौंपी गई थी।

आरोप है कि जांच रिपोर्ट औपचारिक रूप से प्रस्तुत कर शिकायत का निस्तारण दिखा दिया गया, लेकिन न तो विद्यालय के नाम में कोई परिवर्तन हुआ और न ही शिकायतकर्ताओं को ठोस जानकारी दी गई। आज भी विद्यालय के अभिलेखों और नामपट्ट पर “कमालपुर पिकार” ही अंकित है।जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्न
ग्रामीणों का कहना है कि मामले की गंभीरता के बावजूद जांच को औपचारिकता तक सीमित रखा गया।

उनका आरोप है कि शिकायतों को प्रभावी ढंग से सुलझाने के बजाय उन्हें निष्प्रभावी करने का प्रयास किया जाता है। इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगता है, बल्कि ग्रामीणों का भरोसा भी कमजोर होता है।जिलाधिकारी साहब को भी भेजा गया प्रार्थना पत्र ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी को भी प्रार्थना पत्र दिया गया है, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट प्रशासनिक आदेश जारी नहीं हुआ।

ग्रामीणों की मांग है कि मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा राजस्व अभिलेखों के अनुरूप विद्यालय का नाम “प्राथमिक विद्यालय बभनपूरा” किया जाए।साथ ही, यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या तथ्य छिपाने की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्चाधिकारियों से पुनः गुहार लगाने के साथ वैधानिक विकल्पों का सहारा लेने को बाध्य होंगे।

 

रिपोर्ट – पंकज कुमार

 

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