कतिपय सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक खबर के सम्बन्ध में I

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कतिपय मीडिया स्त्रोतों में एक व्यक्ति द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रलाप किये जा रहे हैं, जिसका एक पक्षीय कथन सामने आने से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं न्यास की कार्यप्रणाली के संबंध में भ्रामक तथ्य प्रसारित हो रहे हैं। इस संबंध में प्रमाण सहित यह स्पष्ट करना है कि उक्त व्यक्ति द्वारा मंदिर की व्यवस्था एवं अनुशासन को भंग किया गया था, जिसका साक्ष्य सी0सी0टी0वी0 फुटेज एवं सी0सी0टी0वी0 फुटेज के विभिन्न स्क्रीनशाॅट के रूप में इलेक्ट्रानिक मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।

साक्ष्यों से यह तथ्य स्वत: स्पष्ट है कि मंदिर न्यास के किसी अधिकारी अथवा कार्मिक द्वारा उक्त व्यक्ति से किसी प्रकार का भौतिक या शाब्दिक संव्यवहार नहीं हुआ है अपितु आरती के समय बैरिकेडिंग कूदने एवं गर्भगृह में घुसने के प्रयास पर नियंतः सुरक्षा कार्मिकों द्वारा उक्त व्यक्तियों को अवरुद्ध किया गया है।यहा यह भी स्पष्ट करना आवश्यक है कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास प्रायः इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करता। पूर्व में भी ऐसे कतिपय प्रकरण सामने आने पर मंदिर न्यास ने आरोपों की अनदेखी इस भाव से की है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालु यदि किन्हीं कारणों से अपने आचरण का संतुलन खो देते है

तो भगवान श्री विश्वनाथ के प्रधान सेवक के दायित्व में न्यास को उनके प्रति सदाशयता का परिचय देते हुए अनदेखी किया जाना श्रेयस्कर हैै। परंतु इस प्रकरण में कतिपय व्यक्तियों द्वारा तथ्यात्मक रूप से मिथ्या आरोप को बार-बार सोशल मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया एवं प्रिंट मीडिया जैसे प्लेटफार्म पर लगातार दुहराया जा रहा है।

अतः साक्ष्य सहित यह खण्डन प्रस्तुत है। यदि इन साक्ष्यों के जारी किये जाने के पश्चात् भी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जायेगा तो न्यास अग्रेतर विधिक कदम उठाने को बाध्य होगा।

यह भी स्पष्ट करना है कि यह प्रकरण अपवाद स्वरूप है जिसमें श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास अपना पक्ष प्रस्तुत कर रहा है। अतः इसे दृष्टांत न समझा जाये। भविष्य में भी आरोप-प्रत्यारोप के प्रकरणों में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास प्रतिक्रिया व्यक्त न करने की नीति का पालन यथासंभव सुनिश्चित करेगा। भगवान विश्वनाथ से यह प्रार्थना है कि वह सभी श्रद्धालुओं का कल्याण करें एवं सद्बुद्धि दें।

 

रिपोर्ट -विजयलक्ष्मी तिवारी

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