भदोही में विद्वत परिषद का गठन, शिक्षा व सामाजिक उत्थान को मिलेगा नया आयाम

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भदोही।

जनपद के बौद्धिक एवं सामाजिक विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से भदोही विद्वत परिषद् का विधिवत गठन समारोह भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. गिरीश चन्द्र त्रिपाठी उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के प्रोफेसर डॉ. कुलदीप पाण्डेय ने की।

अपने संबोधन में डॉ. गिरीश चन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि किसी भी समाज की उन्नति उसके विद्वानों और शिक्षित वर्ग के सक्रिय सहयोग से ही संभव है। भदोही विद्वत परिषद् का गठन न केवल शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक संरक्षण और युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने परिषद् के सभी पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह संगठन जनपद को नई पहचान दिलाने में सफल होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. कुलदीप पाण्डेय ने कहा कि विद्वानों का यह मंच शिक्षा, संस्कृति और समाज सेवा के क्षेत्र में सार्थक पहल करेगा। उन्होंने परिषद् को एक विचारशील मंच बताते हुए कहा कि इससे जिले में बौद्धिक वातावरण को मजबूती मिलेगी।

परिषद् के पदाधिकारियों की घोषणा भी इस अवसर पर की गई। अध्यक्ष के रूप में करुणापति दूबे (सीए), सचिव के रूप में कुशल पाण्डेय नियुक्त किए गए। उपाध्यक्ष पद पर डॉ. रतीश पाठक, डॉ. गिरीश मिश्रा, राहुल दूबे तथा राजेन्द्र पाण्डेय को जिम्मेदारी सौंपी गई। सह सचिव के रूप में राहुल सिंह और मुकेश पाण्डेय चुने गए।

वहीं कोषाध्यक्ष पद पर नितिन जायसवाल तथा सह कोषाध्यक्ष के रूप में पीयूष बरनवाल को मनोनीत किया गया। सदस्य के रूप में डॉ. अजय पाण्डेय, श्री होरीलाल यादव, रेनू बाला सिंह, विष्णु जायसवाल और मुकेश मिश्र को शामिल किया गया।

परिषद् के संरक्षक मंडल में श्री मिठाई लाल दूबे, ओम प्रकाश पाण्डेय, यादवेन्द्र राय, श्याम नारायण यादव तथा राम गोपाल गोयल को दायित्व सौंपा गया।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि भदोही विद्वत परिषद् शिक्षा के प्रसार, प्रतिभाओं के सम्मान, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण हेतु निरंतर कार्य करेगी। समारोह में जिले के अनेक शिक्षाविद्, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने परिषद् के गठन का स्वागत करते हुए इसे जनपद के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया।

 

रिपोर्ट फारूक जाफरी

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