समाज में व्याप्त रूढ़िवादी परंपराओं के विरुद्ध एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करते हुए हमारे वरिष्ठ साथी श्री प्रवीण यादव जी ने अपने पूज्य पिताजी, पूर्व भूतपूर्व सैनिक एवं समाजसेवी आदरणीय हरिराम यादव जी की तेरहवीं के अवसर पर एक सराहनीय और संवेदनशील निर्णय लिया।

परंपरागत मृत्यु भोज के स्थान पर तेरहवीं कार्यक्रम को श्रद्धांजलि सभा में परिवर्तित कर गरीब, मजलूम एवं असहाय लोगों को कंबल वितरण किया गया। यह पहल इस बात का सशक्त संदेश है कि दिवंगत आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि दिखावे से नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा से दी जाती है।
इस अवसर पर संगीता पटेल,
महानगर अध्यक्ष, महिला सभा समाजवादी पार्टी, वाराणसी ने कहा—

“श्री प्रवीण यादव जी द्वारा लिया गया यह निर्णय समाज को झकझोरने वाला और दिशा देने वाला है। मृत्यु भोज जैसी कुप्रथा को छोड़कर जरूरतमंदों की सेवा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। यह पहल न सिर्फ मानवीय संवेदना का उदाहरण है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव भी रखती है। ऐसी सोच को हर परिवार को अपनाना चाहिए।”
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश गया कि शोक के क्षणों को भी समाज सेवा, करुणा और इंसानियत से जोड़ा जा सकता है। उपस्थित लोगों ने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे समाज के लिए अनुकरणीय बताया और अधिक से अधिक लोगों से इस नई सोच से जुड़ने की अपील की।

यह आयोजन निश्चय ही समाज को रूढ़ियों से बाहर निकालकर मानवता को परंपरा बनाने की दिशा में एक प्रेरक कदम है। जिसमें आने वाले के क्रम में एमएलसी आशुतोष सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष आशा गुप्ता, महामंत्री रविंद्र कुमार यादव एवं समाज के बहुत से सम्मानित लोग उपस्थित रहे
रिपोर्ट रोशनी










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