वाराणसी- चौबेपुर के भगवती धाम इंटर कालेज खरगीपुर पियरी स्वर्वेद महामंदिर धाम उमरहां का रोड ‘रो रहा’ है बदहाली पर, नहीं पड़ रही अधिकारीयों एवं जनप्रतिनिधियों का नजर। वाराणसी के ऐतिहासिक ध्यान केन्द्र एवं पर्यटन केंद्र स्वर्वेद महामंदिर धाम के पास स्थित एक गांव विकास की मुख्यधारा से कोसों दूर नजर आ रहा है। चौबेपुर थाना क्षेत्र के खरगीपुर पियरी इलाके में आने वाले भगवती धाम इंटर कालेज से पियरी होते हुए स्वर्वेद महामंदिर धाम तक की सड़कों की दुर्दशा ने विकास के दावों की पोल खोलकर रख दी है।

यह सड़क दर्जनों गांवों का संपर्क मार्ग है और यह मंडी परिषद के अन्तर्गत आता है और यहां के निवासियों का आरोप है कि विकास के नाम पर सिर्फ विनाश ही हुआ है और कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं की तरफ नजर उठाकर नहीं देख रहा। गांव की सड़कें इतनी जर्जर और गड्ढों से भरी हैं कि उन पर चलना या वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। बारिश का पानी इन गड्ढों में भर जाने से स्थिति और भी भयावह हो जाती है। यहां के रहने वाले लोग बताते हैं कि इस बदहाल सड़क के कारण रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई है। बच्चों को स्कूल पहुंचाना, बाजार जाना या फिर आपात स्थिति में वाहनों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो गया है।

आखिर कहां गया विकास का सारा पैसा? स्थानीय निवासी गुस्से में कहते हैं, कि “हमें बार-बार विकास के वादे सुनाए जाते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि हमारे बुनियादी ढांचे को तार-तार कर दिया गया है। इस सड़क की हालत देखकर लगता है कि जिम्मेदार अधिकारियों को हमारी परेशानी से कोई फर्क नहीं पड़ता। सवाल यह है कि आखिर विकास के नाम पर आने वाला पैसा कहां पहुंच रहा है? ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और अपने से कई बार शिकायत की, लेकिन हर बार उन्हें खाली वादों के अलावा एवं बजट का दिखावा के अलावा कुछ नहीं मिला जबकि यह सड़क मंडी परिषद के द्वारा सन् 2005 में बनाया गया था

जिसका अंतिम बार मरम्मत कार्य मंडी परिषद द्वारा 2018- 2019 में कराया गया था वर्तमान में मार्ग क्षतिग्रस्त एवं मरम्मत योग्य है इस क्षेत्र में न तो कोई अधिकारी मौके का जायजा लेने आया और न ही मरम्मत का कोई काम शुरू हुआ। यहां ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन तुरंत इस सड़क की मरम्मत का काम शुरू कराए और भविष्य में बुनियादी ढांचे के रख-रखाव पर ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उनका कहना है कि स्वर्वेद महामंदिर धाम जैसे पर्यटक स्थल के आसपास के गांवों की ऐसी हालत शहर और सरकार दोनों की छवि के लिए ठीक नहीं है।











Users Today : 56
Users This Year : 23847
Total Users : 36440
Views Today : 142
Total views : 71639