बाहर की दवा लिखने पर DM का एक्शन! तीन स्वास्थ्यकर्मी सस्पेंड — PHC पिंडरा में मचा हड़कंप

Picture of Shauryanewsindia220@gmail.com

Shauryanewsindia220@gmail.com

FOLLOW US:

Share

वाराणसी   स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और नियमों की अनदेखी करने वालों पर अब जिलाधिकारी का चाबुक चला है। जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पिंडरा का औचक निरीक्षण किया, जहां मरीजों को बाहर की दवा लिखने की शिकायत सही पाई गई। इस पर उन्होंने बिना देर किए दो डॉक्टरों — प्रदीप कुमार, डॉ. अरविंद — और फार्मासिस्ट अभिमन्यु को तत्काल निलंबित कर दिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जब एक मरीज से दवा पर्ची देखी तो पाया कि डॉक्टरों ने अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की बजाय बाहर की दवा लिखी थी। जवाबदेही तय करने के लिए उन्होंने मौके पर ही पूछताछ की, लेकिन डॉक्टरों और फार्मासिस्ट का जवाब असंतोषजनक पाया गया। नतीजतन, जिलाधिकारी ने तीनों को फौरन सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया।

जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित सभी चिकित्सकों को सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी मरीज को बाहर की दवा न लिखी जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि मरीजों को केवल अस्पताल में उपलब्ध दवाएं दी जाएं या उनकी वैकल्पिक दवा बताई जाए।

 

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने साफ-सफाई की कमी, दवा वितरण में अनियमितता, और स्टाफ की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी को निर्देश दिए कि रोजाना मरीजों की जांच सुनिश्चित की जाए और केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता बनी रहे।

डीएम के इस एक्शन से पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आगे भी ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। “सरकारी अस्पतालों में मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। अस्पताल में जो दवाएं उपलब्ध हैं, वही लिखी जाएं। नियमों की अनदेखी करने वालों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।”

 

रिपोर्ट विजयलक्ष्मी तिवारी

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई