वाराणसी में ‘वर्दी’ से करोड़ों की ठगी का महाघोटाला! मकान दिलाने के नाम पर 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी बने शिकार, मां-बेटों का गिरोह बेनकाब

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वाराणसी

धर्मनगरी वाराणसी में पुलिस महकमे को झकझोर देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मकान दिलाने का सपना दिखाकर एक कथित मां-बेटों के गिरोह ने 300 से अधिक पुलिसकर्मियों को करोड़ों रुपये की ठगी का शिकार बना दिया। मामले में लालपुर-पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस खुलासे के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

फर्जी कंपनी बनाकर रचा करोड़ों की ठगी का खेल

आरोप है कि प्रॉपर्टी डीलर गौरव गुप्ता, उसकी मां कस्तूरी देवी, भाई दीपक गुप्ता और उनके सहयोगियों ने मिलकर एक फर्जी कंपनी के जरिए पुलिसकर्मियों को मकान दिलाने का झांसा दिया। फुलवरिया क्षेत्र में मकान दिखाकर भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने पुलिसकर्मियों से बैंक से होम लोन स्वीकृत कराया और लोन की बड़ी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली।

रजिस्ट्री नहीं, सिर्फ आश्वासन

कैंट थाने में तैनात आरक्षी भवन कुमार ने शिकायत में बताया कि दिसंबर 2024 में उन्हें मकान दिखाकर 15 लाख रुपये का होम लोन पास कराया गया। आरोप है कि इसमें से 7.50 लाख रुपये गौरव गुप्ता ने अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए, लेकिन न रजिस्ट्री हुई और न ही मकान मिला। बाद में पता चला कि दिखाया गया मकान किसी और का था।

13 लाख रुपये हड़पे, विरोध करने पर धमकी

पर्यटक थाने में तैनात आरक्षी विशाल कुमार ने आरोप लगाया कि उनके नाम पर 15 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया और 13 लाख रुपये आरोपियों ने अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। रुपये वापस मांगने पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

300 से ज्यादा पुलिसकर्मी बने शिकार

पीड़ितों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और जिले के विभिन्न थानों में तैनात 300 से अधिक पुलिसकर्मियों को अपना शिकार बना चुका है। इस पूरे खेल में करोड़ों रुपये की ठगी होने का दावा किया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ अब तक आधा दर्जन मुकदमे दर्ज होने की बात भी सामने आई है।

विभागीय संरक्षण के आरोप से मचा हड़कंप

पीड़ित पुलिसकर्मियों ने यह भी आरोप लगाया है कि गिरोह को विभाग के कुछ प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त था, जिसके कारण आरोपी लंबे समय तक बेखौफ होकर ठगी का खेल खेलते रहे। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस ने शुरू की गहन जांच

लालपुर-पांडेयपुर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े थे तथा कितने लोगों से कुल कितनी रकम की ठगी की गई। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

 

रिपोर्ट: विजयलक्ष्मी तिवारी

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