जौनपुर के चर्चित दूल्हा हत्याकांड में एक लाख का इनामी प्रदीप बिंद ने किया कोर्ट में सरेंडर, राजनीतिक कार्यक्रमों से जुड़ा संयोग बना चर्चा का विषय

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जौनपुर

जिले के बहुचर्चित दूल्हा हत्याकांड में एक लाख रुपये के इनामी फरार आरोपी प्रदीप बिंद द्वारा न्यायालय में आत्मसमर्पण किए जाने के बाद पूरे जनपद में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। आमजन के बीच एक सवाल लगातार उठ रहा है। कि यह महज संयोग है। या फिर कोई प्रयोग।

चर्चा इसलिए भी तेज है। क्योंकि इससे पहले इसी मामले में एक लाख रुपये के इनामी आरोपी भोले राजभर ने जिस दिन न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था, उसी दिन जौनपुर में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का कार्यक्रम आयोजित था।

अब प्रदीप बिंद के सरेंडर वाले दिन जौनपुर में निषाद समाज के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का कार्यक्रम भी रहा। इन दोनों घटनाओं के समय-संयोग ने लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि, इन घटनाओं के बीच किसी प्रकार के संबंध का कोई आधिकारिक प्रमाण या पुष्टि सामने नहीं आई है।

गौरतलब है। कि 1 मई 2026 को खेतासराय थाना क्षेत्र के मनेछा गांव के पास बारात लेकर जा रहे दूल्हे आजाद बिंद की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे जौनपुर ही नहीं, बल्कि प्रदेशभर को झकझोर कर रख दिया था। शादी की खुशियां देखते ही देखते मातम में बदल गई थीं।

घटना के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन मुख्य आरोपी प्रदीप बिंद लंबे समय तक फरार रहा। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और कई स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी। इसके बावजूद वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा और अंततः पुलिस के हाथ लगने से पहले न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

आरोपी के सरेंडर की सूचना मिलते ही मृतक दूल्हे के परिजनों में निराशा देखी गई। उनका कहना है। कि वे चाहते थे कि आरोपी को पुलिस गिरफ्तार करे ताकि कानून का सख्त संदेश समाज में जाए। अब न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। और मामले की सुनवाई न्यायालय में जारी रहेगी।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है। कि क्या दोनों इनामी आरोपियों के सरेंडर और उसी दिन संबंधित समाज के प्रभावशाली नेताओं के जौनपुर दौरे का समय केवल एक संयोग था, या इसके पीछे कोई और कारण है। इसका उत्तर जांच एजेंसियों और उपलब्ध साक्ष्यों से ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल यह मामला पूरे जौनपुर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। जबकि पीड़ित परिवार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग पर अडिग है।

 

रिपोर्ट – सुरेश कुमार शर्मा

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