सकलडीहा क्षेत्र में इन गोवंशो के कारण उत्पन्न हो सकती है गंभीर समस्याएं अधिकारी ले सज्ञान

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सकलडीहा चंदौली

चंदौली जिले के सकलडीहा क्षेत्र में आवारा पशुओं (छुट्टा जानवरों) के कारण फसलों की बर्बादी, भीषण सड़क दुर्घटनाएं और स्थानीय लोगों व किसानों पर हिंसक हमलों जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही है। इन आवारा पशुओं (गोवंश और अन्य जानवरों) के कारण क्षेत्र में निम्नलिखित प्रमुख समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। आवारा पशु किसानों के खेतों में घुसकर गेंहू और धान जैसी मुख्य फसलों को चरकर या रौंदकर नष्ट कर देते हैं।

इससे किसानों की लागत भी नहीं निकल पाती और वे कर्ज में डूब सकते है। झुंड में सड़क पर बैठने या अचानक दौड़कर सामने आने से आए दिन गंभीर वाहन दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें कई बार लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। फसल को बचाने के लिए किसानों को कड़ाके की ठंड, चिलचिलाती हुई गर्मी और रात के समय खेतों में जागकर पहरा देना पड़ता है, जिससे उनका स्वास्थ्य प्रभावित होता है। जब किसान या आम लोग इन आवारा जानवरों को खेतों व रिहायशी इलाकों से भगाते हैं, तो कई बार ये आक्रामक होकर लोगों पर हमला कर देते हैं, जिससे गंभीर चोटें आ सकती हैं।

सकलडीहा के किसानों ने कई बार अधिकारियों व ग्राम प्रधानों से शिकायत की है, लेकिन स्थाई समाधान न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। स्थिति को नियंत्रित करने और पशुओं को आश्रय केंद्र (गोशाला) पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा समय-समय पर निरीक्षण भी किए जाते हैं। परंतु यह निरीक्षण कहां तक कारगर साबित होता है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, कि जहां सकलडीहा क्षेत्र के विभिन्न ग्राम सभा में गौशाले बनाए गए हैं।

जहां इन गौशाला पर गोवंश की निगरानी स्वास्थ्य सुरक्षा तथा भजन को लेकर अच्छी खासी रकम भी सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाती है वहीं क्षेत्र में भ्रमण कर रहे गोवंश को गौशाला पर भेजे जाने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं इसके बाद भी आए दिन सड़कों पर गोवंश विचरण करते हुए पाए जाते हैं वहीं कई बार घटनाएं भी घटित हो जाती हैं जिससे राहगीर तो राहगीर यह गोवंश भी चोटील ही जाते हैं।

इस संबंध में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई है कि सकलडीहा क्षेत्र के नागेपुर, टीमिलपुर तथा सकलडीहा ग्राम सभा में विचरण कर रहे इन गोवंशों को गौशाला पर भेजने का कार्य सुनिश्चित कराया जाए। जिसे समस्याओं का समाधान हो तथा यह गोवंश भी सुरक्षित रहें।

रिपोर्ट – आलिम हाशमी

 

 

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