वाराणसी।
तहसील राजातालाब में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार एक्शन मोड में नजर आए। जन समस्याओं की सुनवाई के दौरान उन्होंने अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण का दावा केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर धरातल पर भी दिखाई देना चाहिए।
उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप आयोजित इस जनसुनवाई कार्यक्रम में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने एक-एक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। इस दौरान कई जटिल मामलों में अधिकारियों को मौके पर ही समाधान कराने के निर्देश दिए गए, जबकि करीब 10 शिकायतों का तत्काल निस्तारण भी कराया गया।
त्वरित निस्तारण पर जोर
डीएम ने कहा कि खासतौर पर पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में बेहतर समन्वय बनाकर लोगों को जल्द राहत दी जाए। कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर अधिकारियों को जवाबदेही का संदेश दिया गया।
लंबित मामलों पर सख्ती
लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने थाना प्रभारियों और राजस्व निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिए कि तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें, अन्यथा संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार
डीएम ने कहा कि फरियादियों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायतकर्ताओं के साथ मानवीय व्यवहार और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।
भूमि विवादों पर संयुक्त टीम
भूमि पैमाइश, अवैध कब्जे और जमीन विवादों के मामलों के स्थायी समाधान के लिए पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए गए। यह टीम मौके पर जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करेगी।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 246 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से लगभग 10 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।










Users Today : 16
Users This Year : 23807
Total Users : 36400
Views Today : 19
Total views : 71516