जौनपुर,
दिल को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना ने पूरे जौनपुर को गमगीन कर दिया है। किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य अंजू पाठक ने अपने छोटे भाई के असामयिक निधन पर ऐसा दर्द झेला, जिसे शब्दों में बयां कर पाना बेहद मुश्किल है।
पवित्र रामघाट, जौनपुर पर जब एक बहन ने अपने ही हाथों अपने भाई को मुखाग्नि दी, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। माहौल इतना भावुक था कि हर किसी का दिल भर आया।
14 साल का साथ… एक पल में बिछड़ गया।
नम आंखों और कांपती आवाज़ में अंजू पाठक ने बताया कि
वह पिछले 13-14 वर्षों से मेरे साथ ही था। सिर्फ भाई नहीं, मेरे जीवन का सहारा था। उसकी अचानक विदाई ने ऐसा खालीपन छोड़ दिया है। जिसे कभी भरा नहीं जा सकता।
उनके शब्द सुनकर हर किसी की आंखों से आंसू छलक पड़े। भाई-बहन के उस अटूट रिश्ते की कहानी ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भीतर तक झकझोर दिया।
अचानक बिगड़ी तबीयत, हमेशा के लिए चला गया भाई।
बताया जा रहा है। कि पिछले कुछ दिनों से तबीयत खराब थी। लेकिन बीती रात अचानक हालत इतनी बिगड़ी कि जिंदगी की डोर टूट गई। यह खबर जैसे ही फैली, परिवार ही नहीं बल्कि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
रामघाट बना गवाह इस दर्दनाक विदाई का
अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम थी, हर चेहरा उदास… स्थानीय लोग, परिजन और शुभचिंतक सभी ने नम आंखों से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
एक बहन का दर्द… जिसे कोई शब्द नहीं भर सकते
यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक बहन के टूटे दिल की दास्तां है।
जहां यादें हैं। आंसू हैं। और एक ऐसा सन्नाटा है। जो हमेशा के लिए दिल में बस गया है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें और परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।










Users Today : 32
Users This Year : 12550
Total Users : 25143
Views Today : 108
Total views : 49768