हलिया ( मिर्जापुर)
स्थानीय विकास खंड के चक कोटार गांव में ब्राह्मण एकता परिषद की तत्वावधान में अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव रामेश्वर प्रसाद शुक्ल के निजी निवास पर बड़े ही धूमधाम से मनाया
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि डाक्टर सरस्वती प्रसाद पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करते हुए भगवान परशुराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया
इस दौरान उन्होंने विप्र समाज को संबोधित करते हुए कहा कि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अक्षय तृतीया तिथि को यह पर्व मनाया जाता है हिंदू धर्म में इस पर्व का खास महत्व होता है

क्योंकि इसी दिन भगवान परशुराम की जयंती मनाई जाती है मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है जो की पृथ्वी पर अन्याय और धर्म का नाश करने के लिए त्रेता युग में अवतरित हुए थे ज्ञान तब और शक्ति के प्रतीक माने जाने वाले भगवान परशुराम अष्ट चिरंजीवी में से एक हैं और हर युग में पृथ्वी पर मौजूद रहते हैं
भगवान परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है इनके पिता जमदग्नि और माता रेणुका थी भगवान परशुराम अत्यंत क्रोधी स्वभाव के थे परशुराम का असली नाम राम था भगवान शिव शिव से उन्हें शस्त्र की विद्या दी थी शिव द्वारा उन्हें परशु (फरसा) मिला जिसे धारण किया तब से वो परशुराम कहलाए उनका अवतार पृथ्वी पर अधर्म और दुष्टों का नाश करने तथा कमजोरों की रक्षा करने के लिए हुआ था
परशुराम योग वेद नीति के अच्छे ज्ञाता थे और ब्रह्मास्त्र जैसे दिव्य अस्त्रों के प्रयोग में भी निपुण थे उन्होंने विश्वामित्र और ऋचीक के आश्रम पर रहकर शिक्षा प्राप्त की थी परशुराम पिता के आज्ञाकारी थे उन्होंने पिता के आदेशों का पालन करते हुए अपनी माता का सीर कलम कर दिया था और पिता से वरदान मांगकर माता को जीवित करा दिया था
इस दौरान ब्राह्मण एकता परिषद के अध्यक्ष श्री नारायण शुक्ला, संस्थापक उमाकांत द्विवेदी, प्रधान धीरज मिश्रा, संजय तिवारी, धर्मेन्द्र दूबे, राम प्रकाश तिवारी, रामेश्वर प्रसाद शुक्ल, सत्यमुर्ति चौबे, सहित भारी संख्या में ब्राह्मण समाज उपस्थित रहे।
रिपोर्ट- विजयलक्ष्मी तिवारी









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