वाराणसी
वरुणा जोन के चोलापुर थाना क्षेत्र में आईपीएस प्रशिक्षु और स्वतंत्र प्रभारी लेडी सिंघम मानसी दहिया की सख्ती का बड़ा असर देखने को मिला है। दानगंज बाजार में पुलिस बल पर हमला करने और चौकी प्रभारी को घायल करने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी आशुतोष सिंह उर्फ गुलशन सिंह ने अंततः न्यायालय में सरेंडर कर दिया है।
कुछ दिनों पूर्व दानगंज चौकी क्षेत्र के बाजार में जमकर मारपीट हुई थी। जब मौके पर शांति व्यवस्था कायम करने पहुंचे चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार ने हस्तक्षेप किया, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की। आरोप है कि आरोपियों ने ऑटो से धक्का देकर चौकी प्रभारी को गिरा दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। इस दुस्साहसिक घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।
मानसी दहिया की ‘कड़क’ कार्यशैली*
आईपीएस प्रशिक्षु मानसी दहिया ने कार्यभार संभालते ही अपराधियों को स्पष्ट संदेश दे दिया था कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों की घेराबंदी तेज कर दी थी:
दबिश का दबाव: लगातार हो रही छापेमारी और कुर्की की संभावना के चलते आरोपी फरार चल रहे थे। पहली सफलता* मामले का दूसरा आरोपी *मोहित चौहान* पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आकर जेल जा चुका है।
सरेंडर की मजबूरी:* तराँव निवासी आशुतोष सिंह (गुलशन सिंह)को जब अहसास हुआ कि ‘लेडी सिंघम’ की टीम उसे कहीं भी छिपने नहीं देगी, तो उसने अपने वकील के माध्यम से चुपचाप न्यायालय में आत्मसमर्पण करना ही बेहतर समझा।
इलाके में चर्चा का विषय बनीं ‘लेडी सिंघम’
चोलापुर और दानगंज क्षेत्र में मानसी दहिया की कार्यप्रणाली की काफी चर्चा है। आम जनता के बीच जहाँ पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है, वहीं अराजक तत्वों में “लेडी सिंघम” के नाम का भय व्याप्त हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस पर हाथ डालने वालों के खिलाफ ऐसी ही त्वरित और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
**”अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। वर्दी पर हाथ डालने वाले कानून की पकड़ से बच नहीं पाएंगे।











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