वाराणसी/उत्तर प्रदेश।
हिन्दू नव वर्ष विक्रम संवत् 2083 की पूर्व संध्या पर मैदागिन स्थित गोरखनाथ मंदिर में त्रिशक्ति सेवा फाउंडेशन द्वारा आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ने पूरे काशी को नवसंवत्सर के रंग में रंग दिया। आयोजन की भव्यता, सांस्कृतिक प्रस्तुति और पारंपरिक माहौल ने लोगों का मन मोह लिया। इस आयोजन में त्रिशक्ति सेवा फाउंडेशन की सक्रिय भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।
संस्था ने न केवल कार्यक्रम को भव्य स्वरूप दिया, बल्कि समाज में सांस्कृतिक जागरूकता फैलाने का भी महत्वपूर्ण कार्य किया। सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को अपनी परंपराओं से जोड़ने का प्रयास आयोजन में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
कार्यक्रम में हिन्दू युवा वाहिनी के अध्यक्ष अम्बरीश सिंह भोला/आकर्षण का केंद्र रहे। उनकी उपस्थिति और सक्रिय भागीदारी ने आयोजन में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे हिन्दू नव वर्ष को गर्व और उत्साह के साथ मनाएं तथा अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करें।
मुख्य अतिथि के रूप में अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी महाराज ने सभी को नवसंवत्सर की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विक्रम संवत् भारतीय सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है और ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहती है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डालीम्स सनबीम स्कूल के बच्चों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा,
जिसमें बच्चों ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से हिन्दू नव वर्ष मनाने का प्रेरणादायक संदेश दिया। इस अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को ‘हिन्दू रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण, भक्ति और उत्सव के माहौल के बीच पूरा मंदिर परिसर सांस्कृतिक आस्था और उल्लास से सराबोर नजर आया।










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