जैसे आए थे वैसे ही इनको उल्टे पांव घर वापस भेज दो काम और नियत दोनों में खोट है सिर्फ झूठ ही इनकी करतूत है

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22 फरवरी को मोदी जी की रैली सफल बनाने को भाजपा नेताओं के पसीने छुटे, कैडर वोट बैंक कर रहा विरोध। बीजेपी नेताओं की गांव में जाने की हिम्मत नहीं हो रही। किसान ट्रेड डील को लेकर गुस्से में है और सवर्ण समाज यूजीसी को लेकर सरकार से नाराज है।

सरकारी तंत्र के सहारे रैली सफल कराने में अमला ताकत लगा रहा है। रविवार की छुट्टी के दिन शिक्षकों, आंगनवाड़ी, शिक्षामित्रों के अलावा अन्य विभाग के कर्मियों की भीड़ के रैली में बुलाने के निर्देश।यूजीसी एक्ट बीजेपी के गले की फांस बन गया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दिया, लेकिन संघसरचालक मोहन भागवत के बयान ने एक बार फिर घी में आग डालने का काम कर दिया।

मेरठ में सेंट्रल मार्किट को लेकर व्यापारी बीजेपी नेताओं से गुस्से में है। बीजेपी नेता राजपूत,ब्राह्मणों के बीच रैली के लिए जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ओर रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी को रैली में बुलाया है ताकि रालोद का कैडर वोट बैंक आ जाय। किसानों में ट्रेड डील को लेकर बेहद गुस्सा है।

 

रिपोर्ट जगदीश शुक्ला

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