स्वर्वेद महामंदिर ट्रस्ट वाराणसी के तत्वावधान में आगामी 25 एवं 26 नवम्बर 2025 को स्वर्वेद महामंदिर धाम, मुड़ली उमरहां, थाना चौबेपुर में समर्पण दीप अध्यात्म महोत्सव, विहंगम योग संत समाज का 102वां वार्षिकोत्सव तथा 25,000 कुण्डीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ का भव्य आयोजन प्रस्तावित है। इस दो दिवसीय आयोजन में देश-विदेश से लगभग एक से सवा लाख श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है।
अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय, कमिश्नरेट वाराणस) द्वारा कार्यक्रम स्थल, यज्ञ-कुंड क्षेत्र, प्रवचन पंडाल, पार्किंग स्थल, मुख्य मार्ग, प्रवेश-द्वार, निकास मार्ग तथा यातायात व्यवस्थाओं का मैदानी स्तर पर गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के उपरांत संबंधित इकाइयों को सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, यातायात, आपदा-प्रबंधन एवं इलेक्ट्रॉनिक निगरानी से जुड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा प्रबंधन:-
कार्यक्रम क्षेत्र को सेक्टर, उप-सेक्टर एवं जोन में विभाजित करते हुए प्रत्येक सेक्टर पर सेक्टर प्रभारी, पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी, स्वयंसेवक एवं रिज़र्व बल तैनात किए जाएँगे।
प्रवेश एवं निकास मार्गों पर बैरिकेडिंग, क्वाल-मैनेजमेंट, वर्टिकल लाइन-अप तथा DFMD व हैंड-हेल्ड डिटेक्टर की पूर्व परीक्षण के साथ अनिवार्य सामग्री-जांच सुनिश्चित रहेगी।
भीड़ में चोरी, पाकेटमारी, चेन स्नैचिंग एवं संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम हेतु पुरुष एवं महिला पुलिस बल को सादे वस्त्रों में तैनात किया जाएगा।
स्थल पर फुट पेट्रोलिंग, मोटर बाइक पेट्रोलिंग, क्यूआरटी की त्वरित उपलब्धता, एवं भीड़-संवेदी स्थानों पर विशेष सुरक्षा बिन्दु स्थापित किए जाएंगे।
वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों एवं दिव्यांगजन हेतु प्राथमिकता मार्ग, विश्राम-स्थल एवं सहायता डेस्क स्थापित किए जाएँगे।
पूरे कार्यक्रम परिसर में खोया-पाया केंद्र, प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन सहायता केंद्र भी संचालित रहेंगे।
इलेक्ट्रॉनिक निगरानी एवं ड्रोन सर्विलांस:-
संपूर्ण पंडाल, मार्ग एवं पार्किंग क्षेत्र में CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी फीड केंद्रीय कंट्रोल रूम में 24×7 मॉनिटर की जाएगी।
भीड़ के घनत्व, दिशा, असामान्य गति, अफरा-तफरी जैसे संकेतों की पहचान हेतु ड्रोन सर्विलांस लगातार सक्रिय रहेगा तथा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर ग्राउंड टीमें तत्काल कार्रवाई करेंगी।
कंट्रोल रूम में नियुक्त नामित अधिकारी द्वारा फुटेज का सतत अवलोकन एवं समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन:-
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग, लिंक मार्ग, प्रवेश मार्ग एवं पार्किंग स्थलों पर यातायात पुनर्गठन एवं डायवर्जन व्यवस्था लागू की जाएगी।
• बस, कार, दोपहिया एवं अन्य वाहनों हेतु अलग-अलग पार्किंग स्थल चिन्हित
• पार्किंग से पंडाल तक मार्ग संकेतक, सूचना-बोर्ड, स्वयंसेवक मार्गदर्शन
• जाम रोकथाम हेतु रिज़र्व ट्रैफिक बल एवं रिकवरी वाहन तैनात
• रोड-क्रॉसिंग प्वाइंट्स पर ट्रैफिक मार्शल एवं सुरक्षा चौकियां
• मार्ग के किनारे अवैध व्यापार, ठेला-खुमचा एवं अवैध पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा तथा निरंतर पेट्रोलिंग कराकर अवरोध मुक्त मार्ग सुनिश्चित किया जाएगा।
अग्निशमन एवं आपदा-प्रबंधन उपाय:-
• यज्ञ-कुंड, भंडारा, रसोई एवं जनरेटर क्षेत्र में फायर टेंडर, फायर बॉल, सिलिंडर, पानी टैंकर, बालू बैग और फायर-लाइनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
• निरीक्षण के दौरान यज्ञ स्थल पर पुआल बिछा पाया गया जिसे तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए क्योंकि सूखी पुआल आग फैलने का प्रमुख जोखिम पैदा करती है। इसके स्थान पर अग्नि-प्रतिरोधी वैकल्पिक सामग्री उपयोग करने का निर्देश दिया गया।
• आपात स्थिति में निकासी मार्ग सक्रिय करने, प्राथमिक उपचार टीम अलर्ट रखने एवं एम्बुलेंस हेतु ग्रीन-रूट तैयार रखने हेतु आदेशित किया गया।
साइबर निगरानी एवं अफवाह-निवारण:-
अधिकृत सूचना केवल आधिकारिक संचार माध्यमों से प्रसारित की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म एवं ऑनलाइन माध्यमों पर निगरानी करते हुए भ्रामक सूचना, अफवाह या माहौल बिगाड़ने के प्रयास पर त्वरित विधिक कार्रवाई की जाएगी।











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